भगवान विष्णु कौन है जानिए /Know who is Lord Vishnu

भगवान विष्णु कौन है जानिए

भगवान विष्णु हिन्दू धर्म में महात्रिमूर्ति त्रिमूर्ति का एक हिस्सा हैं। वह अपने द्वादश अवतारों के माध्यम से मानवता की सेवा करते हैं। विष्णु का मुख्य अवतार हैं श्रीकृष्ण और राम।
विष्णु को जगत के पालक, सृष्टिकर्ता, संहारक, नरकासुर वध करने वाले, धर्म की स्थापना करने वाले और संचालन करने वाले के रूप में जाना जाता है। उन्हें परमेश्वर के सबसे शक्तिशाली और महत्त्वपूर्ण अवतारों में से एक माना जाता है। विष्णु को लोग अपने समस्त दुःखों और संकटों को दूर करने का देवता मानते हैं और उनकी उपासना और पूजा करते हैं।
विष्णु की प्रतीकता में वह चतुर्भुज शारीर, मुकुट, चक्र, शंख, गदा, पद्म और कौस्तुभ मणि के साथ दिखाई देते हैं। वह विशेष रूप से वैकुण्ठ में निवास करते हैं, जहां उनकी स्त्री लक्ष्मी (श्री) उनके साथ होती हैं।
विष्णु को हिन्दू धर्म के प्रमुख देवताओं में से एक माना जाता है और उनके बहुत सारे भजन, आरती, मंत्र और पूजा विधियाँ हैं जो उनकी उपासना के लिए प्रयोग में लाई जाती हैं।

भगवान विष्णु की उपासना के लिए 

भगवान विष्णु की उपासना के लिए भजन, आरती, मंत्र और पूजा विधियाँ होती हैं।
ये उपासना के लिए उपयोगी होते हैं और भक्तों को भगवान विष्णु की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करने में सहायता करते हैं।

भजन:- 

भजन विष्णु भगवान की महिमा और गुणों की प्रशंसा करने के लिए गाये जाते हैं। ये भक्ति गीत भगवान की प्रतिमा के सामने या संगत में गाए जाते हैं।
जन के माध्यम से भक्त भगवान के नाम, लीलाएं और गुणों का स्मरण करते हैं और उनके सामीप्य का अनुभव करते हैं।

आरती:- 

भगवान विष्णु की आरती उनकी पूजा का एक महत्वपूर्ण अंग है। इसमें भक्त भगवान की महिमा, गुणों, अवतारों और लीलाओं की प्रशंसा करते हैं। आरती में दीपक, धूप, कमल, कर्पूर, नारियल और फूलों का उपयोग किया जाता है। 
आरती के दौरान भक्तों के द्वारा गाये जाने वाले भजनों के साथ दीपक को घुमाया जाता है और प्रदर्शन किया जाता है।

मंत्र:-

विष्णु मंत्रों का जाप भक्तों को शांति, सुख, संतुलन और आत्मिक उन्नति प्रदान करने के लिए किया जाता है। भक्त विष्णु मंत्रों को नियमित रूप से जप करके उनकी उपासना करते हैं। 
कुछ प्रमुख विष्णु मंत्र हैं: "ॐ नमो नारायणाय" और "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय"।

पूजा विधि:-

भगवान विष्णु की पूजा के लिए एक विशेष पूजा विधि का पालन किया जाता है। यह पूजा विधि श्रद्धालुओं को भगवान की उपासना के दौरान निर्देशित करती हैं, 
जिसमें विष्णु मूर्ति की स्थापना, अवश्यक पूजा सामग्री का उपयोग, मंत्रों का जाप, आरती, भोग और प्रसाद की विधि शामिल होती है। यह पूजा विधि विष्णु भक्तों के लिए महत्वपूर्ण होती है और उन्हें अनुभव का एक सांगोपांग हिस्सा माना जाता है।

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