माँ श्री दुर्गा के बारे में सब कुछ,Everything about Maa Shri Durga

माँ श्री दुर्गा के बारे में सब कुछ,Everything about Maa Shri Durga

मां दुर्गा को आदिशक्ति, परम भगवती, और परब्रह्म माना जाता है. हिंदू पौराणिक कथाओं में, मां दुर्गा को शक्ति, अनुग्रह, और करुणा का प्रतीक माना गया है. मां दुर्गा को तीनों लोकों की मां माना जाता है और मान्यता है कि उनकी पूजा करने से सब तरह का मंगल और कल्याण होता है. मां दुर्गा की पूजा करने से भक्तों को कई तरह के लाभ मिलते हैं, जैसे:-
  • शारीरिक और मानसिक कष्ट दूर होना
  • मनचाहा फल मिलना
  • महिलाओं को संतान सुख की प्राप्ति होना
  • घर में धन और सुख-समृद्धि आना
मां दुर्गा को दिव्य स्त्री ऊर्जा माना जाता है, जो शक्ति, सुरक्षा, और पोषण का प्रतीक है. मां दुर्गा की पूजा करने से भक्त नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षित रहते हैं. मां दुर्गा के बारे में यह भी माना जाता है कि वे शांति, समृद्धि, और धर्म पर असर डालने वाली राक्षसी शक्तियों का विनाश करती हैं

माँ श्री दुर्गा के बारे में सब कुछ,Everything about Maa Shri Durga

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श्रीदुर्गा-परिचय

दुर्गा'-पद कितना सुन्दर है, कैसा स्फूर्ति-दायक है। इसके ज्ञान मात्र से निखिल विश्व सुन्दर हो जाता है। इस दो अक्षरवाले नाम का उच्चारण भर करने से हमारी सोई शक्ति में स्फुरता आ जाती है। हमारे अन्तस्तल में शान्ति-भाव स्वतः उदय हो जाता है। इसके श्रवण से हमारे आसुरी भाव काँप कर भागने को प्रस्तुत होने लगते हैं। इसके मनन से समस्त असुर मृत-प्राय हो जाते हैं। इसके निदिध्यास से सम्पूर्ण आसुरी सर्गों का निर्मूलन हो जाता है।

भगवती दुर्गा के तीन विलक्षण स्वरूप 

हिन्दुओं के समस्त देवताओं के हाथों में नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्र व वराभय आदि मुद्राएँ देखी जाती हैं। हमें अपने इष्ट देवता की उसी के रूप के ध्यानानुगत भाव से चिन्ता करनी होती है। इष्ट-देव के कर में स्थित आयुध आदि हमारे पूर्व-जन्मार्जित आसुरी वृत्तियों का विनाश कर हमारे चित्त को दैवी-सम्पद् की ओर अग्रसर करा देते हैं।
  1. चतुर्भुजी दुर्गा (जय दुर्गा).
  2. अष्ट-भुजी दुर्गा.
  3.  दश-भुजी दुर्गा -  CLICK - भगवती दुर्गा के तीन विलक्षण स्वरूप के बारे में

भगवती दुर्गा के चार अन्य रूप

  1. अपराजिता दुर्गा('दुर्गा-महा-शक्ति' का विराट् स्वरूप)
  2. अपराजिता दुर्गा की पूजा-विधि
  3. चण्डी
  4. महा-माया  - पढ़ने के लिए क्लिक करें  - भगवती दुर्गा के चार अन्य रूप के बारे में 

श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ संपूर्ण संस्कृत से हिंदी अर्थ सहित

दुर्गा सप्तशती के 13 पाठों का अपना महत्व है. अलग-अलग बाधाओं से मुक्ति पाने के लिए इनका पाठ किया जाता है. मान्यता है कि चैत्र नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से अनिष्ट का नाश होता है, घर में सुख शांति का वास होता है और गृह कलेश और धन संबंधित परेशानियां भी दूर हो जाती हैं.
श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से मां दुर्गा का आशीर्वाद मिलता है और हर तरह के संकट से मुक्ति मिलती है. ऐसा माना जाता है कि नवरात्रि में हर रोज़ दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. पाठ के हर अध्याय का अलग-अलग फल मिलता है. दुर्गा सप्तशती पाठ करने से आत्मिक सुख और शांति मिलती है और व्यक्ति का जीवन सकारात्मक दृष्टिकोण से देखने लगता है. इससे आत्मा की ऊर्जा बढ़ती है और व्यक्ति को दिव्य शक्ति, सुरक्षा, और समृद्धि मिलती है.
  1. श्री दुर्गा सप्तशती पाठ -संपूर्ण 1 अध्याय हिन्दी अर्थ सहित
  2. श्री दुर्गा सप्तशती पाठ -संपूर्ण 2 अध्याय हिन्दी अर्थ सहित
  3. श्री दुर्गा सप्तशती पाठ -संपूर्ण 3 अध्याय हिंदी अर्थ साहित
  4. श्री दुर्गा सप्तशती पाठ -संपूर्ण 4 अध्याय हिंदी अर्थ साहित
  5. श्री दुर्गा सप्तशती पाठ -संपूर्ण 5 अध्याय हिंदी अर्थ साहित
  6. श्री दुर्गा सप्तशती पाठ -संपूर्ण 6 अध्याय हिंदी अर्थ साहित
  7. श्री दुर्गा सप्तशती पाठ -संपूर्ण 7 अध्याय हिंदी अर्थ साहित
  8. श्री दुर्गा सप्तशती पाठ -संपूर्ण 8 अध्याय हिंदी अर्थ साहित
  9. श्री दुर्गा सप्तशती पाठ -संपूर्ण 9 अध्याय हिंदी अर्थ साहित
  10. श्री दुर्गा सप्तशती पाठ -संपूर्ण 10 अध्याय हिंदी अर्थ साहित
  11. श्री दुर्गा सप्तशती पाठ -संपूर्ण 11 अध्याय हिंदी अर्थ साहित
  12. श्री दुर्गा सप्तशती पाठ -संपूर्ण 12 अध्याय हिंदी अर्थ साहित
  13. श्री दुर्गा सप्तशती पाठ -संपूर्ण 13 अध्याय हिंदी अर्थ साहित

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