महाकालेश्वर मंदिर, कांगड़ा के पीछे एक प्राचीन कथा

महाकालेश्वर मंदिर,कांगड़ा के पीछे एक प्राचीन कथा 

महाकालेश्वर मंदिर

कांगड़ा हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित है। यह मंदिर श्री महाकालेश्वर भगवान (भगवान शिव) को समर्पित है। महाकालेश्वर मंदिर एक प्राचीन मंदिर है और इसका निर्माण सन् 1909 में हुआ था। यह मंदिर वाग्नर राजवंश के शासक राजा रणजीत सिंह द्वारा बनवाया गया था। यह मंदिर पर्वतीय इलाके में स्थित है और उच्च स्थान पर बसा हुआ है, जिससे यहां से प्राकृतिक सुंदरता की अद्वितीय दृश्यमान होती है। मंदिर के चारों ओर आपात वृक्षों का घेरा है, जो इसे और भी प्राकृतिक आकर्षक बनाता है।महाकालेश्वर मंदिर में भगवान शिव के अलावा, अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां भी स्थापित हैं। मंदिर में हर साल महाशिवरात्रि और श्रवण मास के महीनों में विशेष पूजा अर्चना की जाती है और यहां भक्तजन आकर्षित होते हैं ताकि वे भगवान शिव की कृपा प्राप्त कर सकें।

महाकालेश्वर मंदिर,कांगड़ा

महाकालेश्वर मंदिर, कांगड़ा हिमाचल प्रदेश में एक प्रमुख धार्मिक स्थल है और शिव भक्तों के बीच बहुत प्रसिद्ध है। यहां प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु भक्त आते हैं और भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं।

महाकालेश्वर मंदिर, कांगड़ा की कथा

महाकालेश्वर मंदिर, कांगड़ा की कथा में कहा जाता है कि एक समय कांगड़ा नगर में एक गभरू ने सप्तर्षियों के द्वारा प्राप्त तपोबल से सनातन धर्म के अनुसार एक महादेव मंदिर की स्थापना की। इस मंदिर को महाकालेश्वर मंदिर के रूप में जाना जाता है।कथा के अनुसार, एक दिन महादेव ने भगवान विष्णु को आकर्षित करने के लिए अपनी भक्ति की बहुत प्रार्थना की। उन्होंने शक्ति देवी से कहा कि उन्हें एक विशेष स्थान पर अपने लिंग की स्थापना करनी चाहिए, जहां विष्णु उन्हें प्रतिदिन दर्शन कर सके।शक्ति देवी ने इस प्रार्थना को स्वीकार किया और महादेव को एक उच्च स्थान पर लिंग स्थापित करने के लिए कहा। महादेव ने अपने आप को उस स्थान पर स्थापित किया, जहां से विष्णु रोज़ाना उन्हें देख सकते थे। इस तरह से महाकालेश्वर मंदिर की स्थापना हुई और यहां से भगवान विष्णु रोज़ाना महादेव की पूजा करते थे।
महाकालेश्वर मंदिर की कथा इसकी महत्वपूर्णता और आस्था को प्रकट करती है और शिव-भक्तों को प्रेरित करती है कि वे नियमित रूप से मंदिर में भगवान की पूजा करें और उनकी कृपा प्राप्त करें।

महाकालेश्वर मंदिर, कांगड़ा के पीछे एक प्राचीन कथा है, जो इस मंदिर के महत्व को बताती है

 कथा के अनुसार:-

बहुत पुराने समय की बात है, कांगड़ा जिले के एक छोटे से गांव में एक योगी ऋषि रहते थे। वे भगवान शिव के भक्त थे और रोज़ाना शिवलिंग की पूजा-अर्चना करते थे। उन्हें शिवलोक का अभिप्रेत दर्शन होता और वे अपनी तपस्या और भक्ति में खो जाते थे।एक दिन, ऋषि ने भगवान शिव से वरदान मांगा कि वह इस भूलोक में हमेशा रहें और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करें। भगवान शिव ने उनकी इच्छा सुनी और उन्हें वरदान दिया कि वे इस गांव में महाकालेश्वर रूप में स्थायी रूप से विराजमान होंगे।तभी से वह योगी ऋषि के आश्रम के पास एक शिवलिंग प्रकट हो गया, जिसे महाकालेश्वर के रूप में जाना जाने लगा। गांव के लोग खुशी खुशी मिलकर इस मंदिर की सेवा करने लगे और यहां भगवान शिव की आराधना और पूजा-अर्चना का कार्य क्रम चलता रहा।इस प्रकार, महाकालेश्वर मंदिर कांगड़ा में योगी ऋषि की तपस्या और भक्ति का फल स्थायी रूप से उस गांव में मंदिर के रूप में प्रकट होने से हुआ। आज भी यह मंदिर भगवान शिव के भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है और हर साल महाशिवरात्रि और श्रवण मास के दौरान इसे भक्तों द्वारा भरपूर पूजा की जाती है।

महाकालेश्वर मंदिर, कांगड़ा के बारे में रोचक तथ्य हैं:-

  1. महाकालेश्वर मंदिर, कांगड़ा का निर्माण राजा रणजीत सिंह द्वारा किया गया था। यह मंदिर सन् 1909 में बनाया गया था।
  2. मंदिर का वास्तुकला शैली नागर शैली में है और यह मंदिर प्राचीन भारतीय वास्तुकला की एक प्रमुख उदाहरण माना जाता है।
  3. मंदिर के पास एक बड़ा स्तंभ स्थित है जिसे वहां के लोग "सिपाटन" के नाम से जानते हैं। यह स्तंभ मंदिर के आस-पास की प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ाता है।
  4. महाकालेश्वर मंदिर में शिवलिंग के अलावा, अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां भी स्थापित हैं, जिनमें दुर्गा माता, काली माता, हनुमान और गणेश शामिल हैं।
  5. मंदिर के पास एक नागदेवता का मंदिर भी है जिसे "नागाना" के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर नाग देवता की पूजा के लिए प्रसिद्ध है।
  6. मंदिर के आस-पास की पहाड़ियों का दृश्यमान बहुत आकर्षक है। यहां से आप पर्वतीय इलाके की सुंदरता का आनंद ले सकते हैं।
  7. महाकालेश्वर मंदिर का सबसे महत्वपूर्ण उत्सव महाशिवरात्रि है, जिसे यहां विशेष आंशिक भक्तों के द्वारा मनाया जाता है। इस उत्सव के दौरान बहुत से श्रद्धालु यहां आकर भगवान शिव की आराधना करते हैं।
ये कुछ रोचक तथ्य हैं जो महाकालेश्वर मंदिर, कांगड़ा से जुड़े हैं। यह मंदिर धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के साथ हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थलों में एक महत्वपूर्ण स्थान है।

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