श्री त्रिवेंद्रम मंदिर यह मंदिर भगवान विष्णु के श्रीपदः पूजन के लिए बनाया गया है / Sri Trivandrum Temple This temple is built for the worship of Sripada of Lord Vishnu

श्री त्रिवेंद्रम मंदिर यह मंदिर भगवान विष्णु के श्रीपदः पूजन के लिए बनाया गया है

श्री त्रिवेंद्रम मंदिर भारत के दक्षिणी राज्य केरल में स्थित है। यह मंदिर भगवान विष्णु के श्रीपदः पूजन के लिए बनाया गया है और इसे महात्मा गांधी ने "सागर के समुद्र में एक नाव बनाने की तरह एक रूप भगवान की पूजा के लिए बनाया गया है" ऐसा कहा था।इस मंदिर का नाम त्रिवेंद्रम इसलिए है क्योंकि यह स्थान त्रिवेंद्रम नदी के किनारे स्थित है, जो त्रिवेंद्रम शब्द का अर्थ है। मंदिर अरंबशुर में स्थित है, जो केरल के त्रिवेंद्रम नगर पंचायत का हिस्सा है।
यह मंदिर राजा वीश्वकर्मा के साथ संबद्ध मास्टरपीस है और भारत में एक रहस्यमयी और भव्य वास्तुकला का उदाहरण माना जाता है। इसकी दीवारें द्रव्यरूपी वस्तुओं से ढाकी गई हैं और इसमें मुख्य गोपुरम के ऊपर विभिन्न देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं।श्री त्रिवेंद्रम मंदिर के अलावा, केरल में और भी कई प्रसिद्ध मंदिर हैं, जो राजमा वीश्वकर्मा की विशेष वास्तुकला को दर्शाते हैं। केरल भारतीय परंपराओं और प्राचीन संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, और मंदिर इस रूप में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं जहां स्थानीय लोग और दर्शनार्थी धार्मिक अनुष्ठान और धार्मिक गतिविधियों में शामिल होते हैं।

केरल के श्री त्रिवेंद्रम मंदिर के पीछे एक रोचक कथा है

जो इस मंदिर के उत्थान और निर्माण के पीछे दृढ़ता से जुड़ी हुई है। यह कथा महाभारत के अनुसार है और धर्मीक भारतीय कथाओं में से एक है।
कथा के अनुसार, श्रीमद्भगवद् गीता के युद्ध कांड (अध्याय 11, श्लोक 24-30) में, भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को अपने विश्वरूप का दर्शन करवाया था। उनके विश्वरूप में अनेक देवताएं, महर्षियों, और भगवान विष्णु के विभिन्न रूपों की मूर्तियां दिखाई देती थीं।इस विश्वरूप दर्शन के बाद, भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा कि वह विश्वरूप का दर्शन अर्जुन को त्रिवेंद्रम (त्रिवेंद्र का अर्थ है विश्वरूपी) में ही मंदिर के रूप में स्थापित करें। और इसी सविधान में भगवान विष्णु के विश्वरूप के दर्शन के साथ श्री त्रिवेंद्रम मंदिर का निर्माण हुआ।
इसी कारण से श्री त्रिवेंद्रम मंदिर को भगवान विष्णु के एक विशेष रूप के रूप में समझा जाता है और यहां भगवान के विश्वरूप का स्मरण किया जाता है। मंदिर के निकट त्रिवेंद्रम नदी का बहाव इसे और भी धार्मिक महत्वपूर्ण बनाता है।यह कथा भारतीय संस्कृति में भगवान विष्णु की महिमा और देवीकुल विश्वास को प्रदर्शित करती है और श्री त्रिवेंद्रम मंदिर को एक धार्मिक और आध्यात्मिक स्थान के रूप में महत्वपूर्ण बनाती है।

श्री त्रिवेंद्रम मंदिर, केरल,  कुछ रोचक तथ्य (facts) 

1. श्री त्रिवेंद्रम मंदिर के नाम का अर्थ है "विश्वरूपी देवता का मंदिर", जो भगवान विष्णु के विश्वरूप के स्मरण को संदर्भित करता है।
2. यह मंदिर भारत केरल के त्रिवेंद्रम जिले में स्थित है और अरंबशुर नामक स्थान पर स्थित है।
3. श्री त्रिवेंद्रम मंदिर के मुख्य द्वार गोपुरम की ऊँचाई लगभग 7.5 मीटर है और इसमें विभिन्न भगवान विष्णु के अवतारों की मूर्तियां स्थापित हैं।
4. मंदिर का निर्माण राजा वीश्वकर्मा और धर्मीक महार्षि दिर्घतम नदर मान्यता से किया गया था।
5. श्री त्रिवेंद्रम मंदिर को महात्मा गांधी ने "सागर के समुद्र में एक नाव बनाने की तरह एक रूप भगवान की पूजा के लिए बनाया गया है" ऐसा कहा था।
6. मंदिर की दीवारें विश्वभर वस्तुओं से ढाकी गई हैं, जिससे यह एक रहस्यमयी और भव्य वास्तुकला का उदाहरण माना जाता है।
7. श्री त्रिवेंद्रम मंदिर का गोपुरम एशिया का सबसे बड़ा गोपुरम माना जाता है।
8. मंदिर के सामने स्थित विशाल सभा मंडप भारत के सबसे बड़े मंडप में से एक है, जिसमें सैकड़ों शिलाशासनों के आधार पर धार्मिक समारोह आयोजित किए जाते हैं।
9. मंदिर के भित्ति की मिट्टी सान्द्र धातुओं और चन्दन से भरी होती है, जिससे मंदिर में आत्मीयता और धार्मिक वातावरण का संचार होता है।
10. श्री त्रिवेंद्रम मंदिर के भित्ति पर एक विशेष चिह्न बना होता है, जो यात्रीओं को दिखाता है कि वे सही दिशा में चल रहे हैं।
11. मंदिर में अनेक उत्सव धर्मिक अनुष्ठान वर्ष भर में आयोजित किए जाते हैं, जिनमें पूर्णिमा और अमावस्या को भी शामिल किया जाता है।
12. श्री त्रिवेंद्रम मंदिर को दिनभर भक्तों के दर्शन के लिए खोला रहता है, लेकिन प्रातःकालीन पूजा और दोपहर की पूजा के दौरान विशेष पूजा अनुष्ठान होता है।
13. श्री त्रिवेंद्रम मंदिर केपास त्रिवेंद्रम नदी बहती है, जिसे स्नान करने का धार्मिक महत्व माना जाता है।
14. इस मंदिर का विकास केरल सरकार द्वारा संभाला जाता है और धार्मिक उपकरणों की सुविधा सुनिश्चित की जाती है।
15. श्री त्रिवेंद्रम मंदिर को भारतीय राष्ट्रीय तीर्थस्थल के रूप में मान्यता दी गई है, और यह भारत भर में यात्रीओं के बीच एक लोकप्रिय धार्मिक स्थल है।

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