जानें राम का नामकरण: कहानी का वर्णन 10 महत्वपूर्ण तथ्य

जानें राम का नामकरण: कहानी का वर्णन 10 महत्वपूर्ण तथ्य  Know Ram's Namkaran: Description of the story, 10 important facts

श्रीराम का नामकरण उनके पिता राजा दशरथ ने किया था। राम लला का जन्म अयोध्या में हुआ था। राजा दशरथ की पत्नी कौशल्या ने भगवान विष्णु के अवतार बनने वाले बालक को जन्म दिया था।
अनुसूचित में, राजा दशरथ ने अपने आष्टम संस्कार के दिन बच्चों के नामकरण के लिए ब्राह्मणों को बुलाया। वहां, गुरुवर वशिष्ठ जी ने उनके प्रेरणा से बच्चों के नामकरण का अनुष्ठान किया। राजा दशरथ ने राम के नामकरण में अपने प्रिय गुरुवर की सलाह ली और उन्होंने राम का नाम प्रस्तावित किया। यहीं से श्रीराम का नामकरण हुआ था।
रामायण में राम के जन्म की कहानी अत्यंत प्रसिद्ध है। उनका जन्म भगवान विष्णु के सातवें अवतार के रूप में हुआ था। उनके पिता राजा दशरथ, जो कैकेयी के पुत्र थे, को अपनी तीन पत्नियों से चार पुत्रों की इच्छा थी। महर्षि वशिष्ठ की सलाह पर वह यज्ञ करते समय देवताओं ने उन्हें प्रसन्न करते हुए चारों पुत्रों की प्राप्ति के लिए अमृत प्रदान किया था।
राम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न - ये चारों भाई अयोध्या में जन्मे थे। राम का जीवन और उनके अद्भुत कथाओं को महाकाव्य रामायण में विस्तार से वर्णित किया गया है। उनकी जीवनी और उनके धर्मपरायण जीवन के कई पहलुओं का महत्त्वपूर्ण हिस्सा यहाँ तक कि आज भी लोगों के दिलों में बसा है।

राम लला के जन्म की कहानी

राम लला का जन्म भारतीय सनातन धर्म के एक प्रमुख धार्मिक ग्रंथ, रामायण, में विस्तार से वर्णित है। रामायण के अनुसार, राम भगवान विष्णु के सातवें अवतार माने जाते हैं और उनका जन्म अयोध्या नामक स्थान पर हुआ था।
राम के पिता का नाम राजा दशरथ था और माता का नाम कौशल्या था। राम का जन्म महर्षि विश्वामित्र के आग्रह से हुआ था। दशरथ ने बिना संतान के लोगों के दुःख को देखते हुए भगवान विश्वामित्र की आग्रह पर यज्ञ किया था, जिससे उन्हें चार पुत्रों की प्राप्ति हुई थी।
राम का जन्म विश्वामित्र जी के आश्रम में हुआ, जहां वह माता कौशल्या के गर्भ से पैदा हुए थे। राम के जन्म के समय आसमान से अनेक अद्भुत चिन्ह दिखाई दिए थे और वे एक पूर्ण और दिव्य पुरुष थे। इसके बाद, राम का बचपन उनकी बड़ी माता के आश्रम में बिता, जहां उन्होंने अनेक विद्याओं और कलाओं का ज्ञान प्राप्त किया।
रामायण में, राम का विवाह भी विस्तार से वर्णित है। उनकी पत्नी का नाम सीता था, जो कि मिथिला के राजा जनक की बेटी थीं। राम के जन्म, उनके बचपन, और उनके बड़े होने के बाद उनकी वनवास और वनवास के दौरान उनके साथ घटित हुए घटनाओं की इस महाकाव्य में अद्भुत कहानी है।

राम लला के जन्म से जुड़े 10 महत्वपूर्ण तथ्य

राम लला का जन्म भारतीय सनातन धर्म के एक प्रमुख धार्मिक ग्रंथ, रामायण, में विस्तार से वर्णित है। रामायण के अनुसार, 
  1. राम भगवान विष्णु के सातवें अवतार माने जाते हैं और उनका जन्म अयोध्या नामक स्थान पर हुआ था।
  2. राम के पिता का नाम राजा दशरथ था और माता का नाम कौशल्या था। 
  3. राम का जन्म महर्षि विश्वामित्र के आग्रह से हुआ था। दशरथ ने बिना संतान के लोगों के दुःख को देखते हुए भगवान विश्वामित्र की आग्रह पर यज्ञ किया था, जिससे उन्हें चार पुत्रों की प्राप्ति हुई थी।
  4. राम का जन्म विश्वामित्र जी के आश्रम में हुआ, जहां वह माता कौशल्या के गर्भ से पैदा हुए थे।
  5. राम के जन्म के समय आसमान से अनेक अद्भुत चिन्ह दिखाई दिए थे और वे एक पूर्ण और दिव्य पुरुष थे।
  6. इसके बाद, राम का बचपन उनकी बड़ी माता के आश्रम में बिता, जहां उन्होंने अनेक विद्याओं और कलाओं का ज्ञान प्राप्त किया।
  7. रामायण में, राम का विवाह भी विस्तार से वर्णित है। 
  8. उनकी पत्नी का नाम सीता था, जो कि मिथिला के राजा जनक की बेटी थीं।
  9. राम के जन्म, उनके बचपन, और उनके बड़े होने के बाद उनकी वनवास और वनवास के दौरान उनके साथ घटित हुए घटनाओं की इस महाकाव्य में अद्भुत कहानी है।

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