कालाराम मंदिर कथा

कालाराम मंदिर कथा kalaram temple story

कालाराम मंदिर, नासिक, महाराष्ट्र में एक प्रमुख हिंदू मंदिर है जो भगवान विष्णु को समर्पित है। यहां की कथा बहुत ही रोचक है।
कालाराम मंदिर की कथा कहती है कि एक समय पूर्व में, एक राजा था जिनका नाम धर्मशील था। वह बड़ा ही धार्मिक और भक्तिमय राजा था, लेकिन उसका एक बड़ा कष्ट था - उसका पुत्र बहुत ही बीमार था। राजा ने हर चिकित्सक को बुलाया, हर उपाय किया, लेकिन उसके पुत्र का स्वास्थ्य ठीक नहीं हो सका।
एक दिन राजा ने एक साधु को बुलाया और उसे अपने पुत्र का इलाज करने के लिए कहा। साधु ने राजा से कहा कि एक स्थान पर भगवान विष्णु का प्रतिमा खोजने की जरूरत है और जब तक वह प्रतिमा नहीं मिलती, तब तक तुम्हारे पुत्र का इलाज नहीं हो सकता।
राजा ने उस स्थान की तलाश की लेकिन उसे वह स्थान नहीं मिला। अंत में, वह एक जगह पर पहुंचा जहां एक सुंदर काला पत्थर था। जब उसने पत्थर को हटाया, तो वहां भगवान विष्णु की सुंदर मूर्ति थी। उसने मंदिर बनवाया और उसी स्थान पर उसने अपने पुत्र का इलाज कराया। पुत्र को उसकी रोगमुक्ति हुई और वह स्वस्थ हो गया।
इसी प्रकार, कालाराम मंदिर नासिक में भगवान के इस स्वरूप की पूजा की जाती है और लोग यहां भगवान के आशीर्वाद को प्राप्त करने आते हैं।

कालाराम मंदिर क्यों प्रसिद्ध 

मंदिर परिसर
इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि, राम की मूर्ति हनुमान की मूर्ति से दिखाई दे सकती है । राम के मुख्य मंदिर में 14 सीढ़ियाँ हैं, जो राम के 14 वर्ष के वनवास को दर्शाती हैं। साथ ही, मंदिर में 84 खंभे हैं, जो मानव जन्म पाने के लिए 84 लाख योनियों के चक्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

कालाराम मंदिर में पूजा करने की विधि निम्नलिखित 

  • शुद्धि करना:** पूजा करने से पहले, स्नान करें और शुद्धि के लिए अपने हाथों और मुँह को धोएं।
  • समग्र पूजा सामग्री:** अपने पास पूजा के लिए सामग्री जैसे कि फूल, दीपक, धूप, चावल, और पूजनीय चीजें जैसे फल, पुष्प आदि को तैयार करें।
  • स्थल की तैयारी:** मंदिर में पूजा स्थल तैयार करें, जहां आप पूजा करना चाहते हैं। इसे साफ और सुधा रखें।
  • पूजा का आरंभ:** श्री गणेश की पूजा करें, जो कि हर पूजा की शुरुआत में की जाती है। इसके बाद, भगवान शिव को कालभैरव के रूप में पूजें।
  • मंत्रों का जाप:** पूजा के दौरान मंत्रों का जाप करें, जैसे कि भगवान की स्तुति या अनुष्ठान के लिए मंत्र।
  • पूजा की समाप्ति:** पूजा के बाद भगवान को प्रसाद अर्पित करें और उन्हें समर्पित करें।
  • आरती:** आरती गाएं और इसके बाद भगवान की प्रतिमा की दर्शन करें।
  • ध्यान और प्रार्थना:** अंत में, ध्यान करें और भगवान से अपनी मांगे या प्रार्थनाएं करें।
यह कुछ मुख्य कदम हैं जो कालाराम मंदिर में पूजा करने की सामान्य विधि हो सकती है। पूजा की विधि विभिन्न स्थानों और संप्रदायों के अनुसार भिन्न हो सकती है, इसलिए सर्वोत्तम जानकारी के लिए स्थानीय पुजारी या धार्मिक गुरु से संपर्क करना उपयुक्त हो सकता है।

काळाराम मंदिर सत्याग्रह

आंबेडकरांनी अस्पृश्यता निवारणासाठी जे लढे दिले त्यात काळाराम मंदिराच्या सत्याग्रहाचे महत्त्वाचे स्थान आहे. फक्त हिंदूंनाच नव्हे तर सत्ताधारी इंग्रजांनाही जाग यावी आणि त्यावेळच्या दलितांना, शोषितांना सर्व मूलभूत हक्क मिळावेत यासाठी त्यांनी हा लढा उभारला होता. हा लढा २ मार्च १९३०ला सुरू झाला आणि पुढील पाच वर्षे चालला 

भगवान राम के कुछ प्रसिद्ध मंत्र निम्नलिखित 

  1. "ॐ रामाय नमः"** (Om Ramaya Namah)
  2. "ॐ राम रामाय नमः"** (Om Ram Ramaya Namah)
  3. "ॐ श्री रामचंद्राय नमः"** (Om Shri Ramachandraaya Namah)
  4. "ॐ जानकीवल्लभाय नमः"** (Om Janaki Vallabhaya Namah)
  5. "हरे राम, हरे राम"** (Hare Ram, Hare Ram)
  6. "श्री राम, जय राम"** (Shri Ram, Jai Ram)
ये मंत्र भगवान राम की पूजा, आध्यात्मिक उन्नति और ध्यान में उच्चारित किए जाते हैं। इन मंत्रों का जाप भक्ति और आध्यात्मिक साधना में माना जाता है और इन्हें ध्यान और श्रद्धा से उच्चारित किया जाता है ताकि व्यक्ति को आत्मिक शांति, स्पष्टता और संतोष की प्राप्ति हो।

टिप्पणियाँ