शिव और शक्ति में कौन बड़ा

शिव और शक्ति में कौन बड़ा Who is greater between Shiva and Shakti ?         

शिव और शक्ति: एकता

हिन्दू धर्म में, शिव और शक्ति दोनों ही परम ब्रह्म के रूपों में माने जाते हैं और उनका एक साथ समर्थन होता है, इसलिए उनमें कोई भी बड़ाई-छोटाई का वितर्क नहीं होता। यह दोनों ही आपस में पूरक हैं और ब्रह्म के अद्वितीय स्वरूप को दर्शाते हैं।

शिव और शक्ति संबद्ध

शिव और शक्ति का संबंध हिन्दू धर्म में परम ब्रह्म के दो प्रमुख रूपों के रूप में है। शिव नीलकंठ और अशुतोष के रूप में जाने जाते हैं, जबकि शक्ति को पार्वती, दुर्गा, लक्ष्मी आदि रूपों में पूजा जाता है। यह दोनों ही एक दूसरे के पूरक हैं और ब्रह्म के अद्वितीय स्वरूप का प्रतिनिधित्व करते हैं।

शिव और शक्ति की कथा

एक प्रमुख कथा में, शिव और पार्वती (जिन्हें शक्ति के रूप में जाना जाता है) का विवाह का वर्णन है। कहा जाता है कि पार्वती ने अपने तपस्या और साधना से भगवान शिव को प्राप्त किया।
कथा के अनुसार, पार्वती ने शिव को अपनी भक्ति में विमुग्ध कर लिया और उनसे विवाह के लिए ब्रह्मा को प्रार्थना की। ब्रह्मा ने इस प्रार्थना को सुनते हुए शिव को प्रेरित किया और उनका विवाह पार्वती से हुआ।
इस विवाह के बाद, शिव और पार्वती ने अनेक रूपों में अपनी शक्तियों को प्रकट किया और उन्हें देवी देवताओं के रूप में पूजा जाता है। इसके माध्यम से शिव-शक्ति के एकत्व का संकेत दिया जाता है और उनके मिलन से सृष्टि, स्थिति, और संहार की प्रक्रिया को संदर्भित किया जाता है।

शिव और शक्ति के 10 रोचक तथ्य 

1. **पार्वती का तप:** पार्वती ने अपनी भक्ति में ऐसा उत्कृष्ट तप साधा कि उन्होंने अपनी तपस्या से भगवान शिव को प्राप्त किया।
2. **अर्धनारीश्वर रूप:** शिव-पार्वती का एक अद्वितीय रूप है "आर्धनारीश्वर," जिसमें पुरुष और प्रकृति का एक संयुक्त स्वरूप होता है।
3. **कैलाश पर्वत:** शिव का निवास स्थान कहा जाता है कैलाश पर्वत पर, जो हिमालय का एक शीर्ष है।
4. **नंदी बुल:** शिव के वाहन नंदी, एक वृषभ (बैल) है, जो उनकी विशेष भक्ति को प्रतिष्ठानित करता है।
5. **शिव-लिंग:** शिव का प्रमुख पूजा स्थल है शिव-लिंग, जिसे शिव की प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है।
6. **त्रिशूल:** शिव का धारण किया जाने वाला त्रिशूल सृष्टि, स्थिति, और संहार का प्रतीक है।
7. **महाकाल:** शिव का एक प्रसिद्ध नाम "महाकाल" है, जिसका अर्थ है "बड़ा काल" या "अद्वितीय काल"।
8. **भूतनाथ:** शिव को "भूतनाथ" भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है "भूतों के भगवान" या "प्रेत-राजा"।
9. **नीलकंठ:** शिव का एक और पूजनीय नाम "नीलकंठ" है, जो उनके गले के नीले रंग को दर्शाता है, जो विष पीने के बाद हुआ था।
10. **शक्तिपीठ:** पार्वती के रूप में शक्ति को पूजते हुए उनके अलग-अलग भूमियों को शक्तिपीठ कहा जाता है, जिनमें उनकी प्रतिष्ठा है।

शिव और शक्ति का मंत्र

"ॐ नमः शिवाय" एक प्रमुख शिव मंत्र है जो भगवान शिव की आराधना में किया जा सकता है। शक्ति की आराधना के लिए "ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे" एक प्रसिद्ध मंत्र है जो माँ दुर्गा को समर्पित है। यह मंत्र ध्यान और आध्यात्मिक साधना में उपयुक्त हो सकता है, लेकिन धार्मिक अनुष्ठानों के लिए सही मार्गदर्शन जरूरी है।

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