नवरात्रि छठा दिन - मां कात्यायनी की पूजा विधि, सामग्री और संस्कृत मंत्र,Navratri Sixth Din - Maa Katyayani Pooja Vidhi, Saamagree Aur Sanskrt Mantr

नवरात्रि छठा दिन - मां कात्यायनी की पूजा विधि, सामग्री और संस्कृत मंत्र

नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है. मां कात्यायनी को मां दुर्गा की छठी शक्ति माना जाता है. कहते हैं कि इनकी पूजा से कन्याओं के विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं. मां कात्यायनी की पूजा से भक्तों को अर्थ, धर्म, काम, और मोक्ष चारों फ़ल मिलते हैं. इनकी पूजा से रोग, शोक, संताप, और भय दूर होते हैं. साथ ही, जन्मों के सारे पाप भी नष्ट हो जाते हैं
Navratri Sixth Din - Maa Katyayani Pooja Vidhi, Saamagree Aur Sanskrt Mantr

मां कात्यायनी की पूजा विधि

सर्वप्रथम स्नान करें, और शुद्ध वस्त्र पहनें. इसके बाद पूजा के लिए मंदिर में स्थान तैयार करें. फिर एक चौकी पर लाल फाते वस्त्र बिछाएं, और उस पर मां कात्यायनी की मूर्ति रखें, और दीपक जलाएं. इसके अलावा घर के अंदर मंदिर के बाहर आरती करें. धूप, अक्षत, फूल, और मिठाई उपहार के रूप में प्रस्तुत करें. मां कात्यायनी को ध्यान में रखते हुए अपने मन में शक्ति, और संकल्प की भावना उत्पन्न कर मंत्र जप करें.

मां कात्यायनी की  पूजा की विधि के कुछ प्रकार

  • सुबह जल्दी नहाकर मां कात्यायनी की पूजा का संकल्प लें.
  • मां को गंगाजल से अभिषेक करें.
  • मां को पीले वस्त्र पहनाएं और पीले फूल अर्पित करें.
  • मां को रोली, कुमकुम, और चंदन का तिलक करें.
  • अक्षत और पुष्प चढ़ाएं.
  • मां कात्यायनी को शहद का भोग अवश्य लगाएं.
  • मां की आरती करें.
  • मंत्रों का जाप करें.
  • दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें
  • मां को उनका पसंदीदा भोग लगाएं. मां को शहद का भोग लगाना चाहिए.
  • मां को गुड़हल या लाल रंग का फूल चढ़ाएं.
  • मां कात्यायनी की आरती करें और क्षमायाचना करें89
  • मां कात्यायनी की पूजा के लिए, इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ़ वस्त्र पहनें.
  • पूजा स्थल की सफ़ाई करके गंगाजल से शुद्धि करें.
  • मां कात्यायनी की प्रतिमा या तस्वीर के सामने हाथ जोड़कर प्रणाम करें.
  • पूजा के दौरान देवी मां को पीले या लाल रंग के वस्त्र अर्पित करें.
  • माता को पीले रंग के पुष्प, कच्ची हल्दी की गांठ चढ़ाएं.
  • माता को शहद का भोग लगाएं.
  • मां कात्यायनी के समक्ष आसन पर बैठकर मंत्र, दुर्गा चालीसा और सप्तशती का पाठ अवश्य करें.
  • धूप-दीप जलाकर मां की आरती उतारें.
  • पूजा के बाद सभी को प्रसाद बांटें.
  • मां कात्यायनी को ध्यान में रखते हुए अपने मन में शक्ति, और संकल्प की भावना उत्पन्न कर मंत्र जप करें.

मां कात्यायनी की षोडशोपचार पूजा विधि

इसमें आवाहन, आसन, पाद्य, अध्र्य, आचमन, स्नान, वस्त्र, सौभाग्य सूत्र, चंदन, रोली, हल्दी, सिंदूर, दुर्वा, बिल्वपत्र, आभूषण, पुष्प-हार, सुगंधित द्रव्य, धूप-दीप, नैवेद्य, फल, पान, दक्षिणा, आरती, प्रदक्षिणा, मंत्र पुष्पांजलि आदि करें। तत्पश्चात प्रसाद वितरण कर पूजन संपन्न करें।

मां कात्यायनी की पूजा सामग्री: 

नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है. इस दिन मां कात्यायनी को प्रसन्न करने के लिए कुछ सामग्री चाहिए होती है:
  • मैरून रंग
  • श्रृंगार सामग्री और सिंदूर
  • अक्षत, रोली, कुमकुम, पीले पुष्प और भोग
  • घी का दीपक
  • दुर्गा सप्तशती का पाठ
  • कवच पाठ का पाठ
  • मनचाहा वर पाने के लिए कात्यायनी माता मंत्र का 108 बार जाप
  • शाम के समय पूजा और आरती
  • देवी को भोग प्रसाद चढ़ाना
  • सात्विक भोजन करना

मां कात्यायनी के संस्कृत मंत्र

बीज मंत्र: क्लीं श्री त्रिनेत्रायै नम:
प्रार्थना मंत्र: चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना। कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी॥

मां कात्यायनी का मंत्र और मंत्र का अर्थ

स्तुति मंत्र: 
या देवी सर्वभूतेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता। 
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

इसका अर्थ है, "हे माँ! सर्वत्र विराजमान और शक्ति -रूपिणी प्रसिद्ध अम्बे, आपको मेरा बार-बार प्रणाम है"

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