भगवान शिव 16 सोमवार व्रत की प्रक्रिया / Lord Shiva 16 Monday Fasting Process


भगवान शिव 16 सोमवार व्रत की प्रक्रिया

भगवान शिव के सोमवार व्रत को मासिक रूप से किया जाता है और यह व्रत शिव भक्तों के बीच बहुत प्रसिद्ध है। यह व्रत 16 सोमवारों तक किया जाता है और इसे "सोलह सोमवार व्रत" भी कहते हैं। यह व्रत भगवान शिव की कृपा प्राप्ति, सुख, समृद्धि और प्रशांति के लिए किया जाता है।
नीचे दिए गए हैं सोलह सोमवार व्रत की प्रक्रिया के लिए कुछ महत्वपूर्ण चरणों का विवरण:
1. संकल्प: व्रत की प्रारंभिक पूजा में संकल्प लेना चाहिए। इसमें व्रत के कारण, उद्देश्य और संकल्प करने वाले का नाम उच्चारित किया जाता है।
2. शिवलिंग पूजा: व्रत के दौरान प्रतिवार शिवलिंग की पूजा की जाती है। शिवलिंग पर जल, धूप, दीप और फूल चढ़ाएं जाते हैं। मंत्रों के साथ शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है।
3. सोमवार व्रत कथा: व्रत कथा का पाठ करें। यह कथा भगवान शिव के गुणों और उनके भक्त पार्वती की कथाएं संबंधित करती है।
4. मन्त्र जाप: शिव मंत्रों का जाप करें, ज
ैसे कि "ॐ नमः शिवाय" और अन्य मंत्र। मंत्रों का जाप मन को शुद्ध करने, ध्यान में लाने और भगवान शिव के प्रति भक्ति विकसित करने में मदद करता है।
5. शिव चालीसा: शिव चालीसा का पाठ करें। यह चालीसा भगवान शिव की स्तुति करती है और उनके भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करती है।
6. पूजा के बाद व्रत कथा का पाठ करें और फलाहार करें। यह आहार व्रत के नियमों के अनुसार होना चाहिए और शाकाहारी खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
7. सोलह सोमवारों तक यही प्रक्रिया दोहराएं। सोलहवें सोमवार के बाद व्रत का पूरा हो जाने पर, व्रत के दौरान रखे गए प्रतियोगिताएं दान करें।
इस प्रकार, भगवान शिव के 16 सोमवार व्रत का अनुसरण करते हुए भक्त शिव की कृपा और आशीर्वाद को प्राप्त कर सकते हैं। यह व्रत साधना, ध्यान और अनुष्ठान का एक महत्वपूर्ण अवसर है जो भगवान शिव की पूजा और उनकी भक्ति में समर्पित होता है।

भगवान शिव के 16 सोमवार व्रत के दौरान निम्नलिखित मंत्रों का जाप किया जा सकता है:

1. ॐ नमः शिवाय (Om Namah Shivaya)
2. ॐ त्र्यम्बकं यजामहे, सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
   उर्वारुकमिव बन्धनान्, मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।। (Om Tryambakam Yajamahe, Sugandhim Pushtivardhanam,
   Urvarukamiva Bandhanan, Mrityor Mukshiya Maamritat)
3. ॐ हर हर महादेव (Om Har Har Mahadev)
4. ॐ नमः शिवाय शम्भूय शंकराय (Om Namah Shivaya Shambhuye Shankaraya)
5. ॐ नमः शिवाय परमेश्वराय (Om Namah Shivaya Parameshwaraya)
6. ॐ नमः शिवाय रुद्राय (Om Namah Shivaya Rudraya)
7. ॐ नमो भगवते रुद्राय (Om Namo Bhagavate Rudraya)
इन मंत्रों का जाप करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्ति, मन की शांति, सुख, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है। यदि आप व्रत कर रहे हैं, तो मंत्रों के जाप को व्रत के समय नियमित रूप से करें और शुद्ध मनस्थिति में ध्यान केंद्रित करें।

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