बालाजी हनुमान मंदिर, मेहंदीपुर, राजस्थान एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है /Balaji Hanuman Mandir, Mehandipur, Rajasthan is a famous Hindu temple

बालाजी हनुमान मंदिर, मेहंदीपुर, राजस्थान एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है


बालाजी हनुमान मंदिर, मेहंदीपुर, राजस्थान एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है जो दौसा जिले के पास दो पहाड़ियों के बीच स्थित है। यह मंदिर भगवान हनुमान को समर्पित है और प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालुओं द्वारा दर्शन किया जाता है।
मेहंदीपुर के इस मंदिर की स्थापना के पीछे एक पौराणिक कथा है। अनुसार, महाभारत काल में भगवान हनुमान ने यहां धार्मिक तपस्या की थी और इस स्थान पर वे अपने शक्ति की जागरूकता प्राप्त करते थे।
इस मंदिर के पास जाने के लिए, आपको जयपुर से बस मार्ग का उपयोग करना होगा। मंदिर जयपुर से लगभग 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मेहंदीपुर जाने के लिए आप जयपुर से बस या टैक्सी का उपयोग कर सकते हैं।
इस मंदिर का दर्शन प्रतिवर्ष हनुमान जयंती और बजरंग जयंती जैसे धार्मिक अवसरों पर विशेष रूप से किया जाता है। भगवान हनुमान के चित्रशील मूर्ति को देखने के लिए लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करने की कामना करते हैं।इस प्रसिद्ध हनुमान मंदिर का दर्शन करने से भक्तों को शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है और वे अपनी जीवन की समस्त समस्याओं से मुक्ति प्राप्त करते हैं।


बालाजी हनुमान मंदिर मेहंदीपुर के पीछे एक पौराणिक कथा 

बालाजी हनुमान मंदिर, मेहंदीपुर (राजस्थान) की स्थापना के पीछे एक पौराणिक कथा है जो भगवान हनुमान के तपस्या और शक्ति के प्रमाण के रूप में जानी जाती है। यह कथा महाभारत काल के दौरान घटी थी।
कथा के अनुसार, भगवान हनुमान जिन्हें भजरंगबली भी कहा जाता है, महाभारत के युद्ध काल में अर्जुन के रथ के द्वारा माता सीता के प्रति सेवा करने के लिए भी विख्यात हुए थे।
एक पौराणिक कथा के अनुसार, रावण ने भगवान शिव की विशेष देवी का हनुमान को आक्रोशित करने के लिए प्रयास किया। उन्होंने हनुमान को एक विशेष वरदान दिया कि जब तक कोई व्यक्ति मेहंदीपुर के तीसरे पहाड़ी की ओर देखता है, तब तक उनके अक्षरशः मन में कोई अन्य विचार नहीं आता। वैसे ही, जब तक व्यक्ति जयपुर की ओर देखता है, तब तक उनके मन में मेहंदीपुर का कोई विचार नहीं आता। यह वरदान उस समय के लिए दिया गया था जब हनुमान अजयपुर की ओर दौड़ रहे थे।
कथा के अनुसार, यहां पर भगवान हनुमान ने अपनी शक्तियों का अभिवादन किया और उन्हें इस मंदिर का स्थान पसंद आया। यहां पर भगवान हनुमान की विशाल मूर्ति स्थापित की गई और यहां एक पवित्र स्थान के रूप में पुनर्जीवित हुआ।जैसा कि पौराणिक कथाएं बताती हैं, इस मंदिर में भगवान हनुमान की धार्मिक भक्ति और शक्ति के प्रती विश्वास के कारण, लाखों श्रद्धालु इसे दर्शन करने आते हैं और अपनी समस्त समस्याओं का समाधान प्राप्त करते हैं।

मेहंदीपुर के इस मंदिर  के  रोचक तथ्य (facts) हैं:

1. मेहंदीपुर हनुमान मंदिर राजस्थान के दौसा जिले में स्थित है। यह बांधीकुई और जयपुर के बीच, दो पहाड़ियों के मध्य बसा हुआ है।
2. यह मंदिर भगवान हनुमान को समर्पित है और भगवान हनुमान के एक विशाल मूर्ति को यहां स्थापित किया गया है।
3. इस मंदिर का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। मान्यताओं के अनुसार, भगवान हनुमान ने यहां धार्मिक तपस्या की थी और अपनी शक्तियों की जागरूकता प्राप्त की थी।
4. मंदिर के निकटवर्ती स्थान पर एक पानी कुआं (well) है, जिसे लोग सुपारी (betel nut) और दाने चढ़ाकर भगवान हनुमान की प्रार्थना करते हैं।
5. इस मंदिर के प्रतिमा का आकार 4.5 फुट ऊंचा है और इसे भजन संहिता के लेखक तुलसीदास द्वारा प्रतिष्ठित किया गया था।
6. इस मंदिर में दिव्य चिन्हों वाले छत्री और दरबार भी हैं, जिन्हें दर्शन करने लाखों भक्त यहां आते हैं।
7. मंदिर के निकटवर्ती स्थान पर विभिन्न प्रकार के भजन, कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
8. इस मंदिर के समीप एक बाजार भी है जिसमें विभिन्न प्रकार के पूजा सामग्री, प्रसाद और धार्मिक वस्त्र मिलते हैं।
9. मेहंदीपुर के मंदिर में सालाना बजरंग जयंती और हनुमान जयंती के अवसर पर विशेष पूजा और भक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
10. मंदिर के निकटवर्ती स्थान से आपको आसपास की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद भी मिलता है, जो इस स्थान को एक पर्यटक आकर्षण बनाता है।
11. इस मंदिर के प्रांगण में एक विशाल हनुमान चालीसा का वाचन गृह भी है, जो भक्तों द्वारा विशेष श्रद्धा और भक्ति से विचार किया जाता है।
12. मेहंदीपुर मंदिर के पास भजन-कीर्तन और धार्मिक सत्रों के लिए विशेष धार्मिक सभागार भी है।
13. मंदिर के प्रतिमा को सालाना महा अभिषेक और विशेष पूजा के साथ संबद्धता से मनाया
 जाता है।
14. इस मंदिर को भगवान हनुमान की अनंत शक्ति के प्रमाण के रूप में जाना जाता है और भक्तों के जीवन में समृद्धि और शांति के साथ उनकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण करने में मदद करता है।
15. यह मंदिर अपनी सुंदर मूर्ति, प्राचीन ऐतिहासिकता और धार्मिक महत्व के लिए राजस्थान में एक प्रमुख धार्मिक स्थल के रूप में माना जाता है।

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