मथुरा के (बांके बिहारी मंदिर) एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है,Banke Bihari Temple of Mathura is a famous Hindu temple

मथुरा के (बांके बिहारी मंदिर) एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है

मथुरा के बांके बिहारी मंदिर 

मथुरा के बांके बिहारी मंदिर भारत में एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है, जो मथुरा नगरी में स्थित है। यह मंदिर श्री बांके बिहारी जी को समर्पित है, जो कृष्ण भगवान के रूप में पूजे जाते हैं।मंदिर का इतिहास लगभग 400 वर्ष पुराना है और इसे राजा मंसिंह के द्वारा बनवाया गया था। बांके बिहारी मंदिर मथुरा के प्रमुख पर्ववार्ती मंदिरों में से एक है और इसे भारतीय धरोहर के रूप में संजोया गया है।
मंदिर के आंगण में एक छोटे सा तालाब है जिसमें भगवान के चरणों को धोने के लिए पानी रखा जाता है। मंदिर के भीतर भगवान के प्रतिमा को धूलि, चन्दन, फूल, चावल, मिश्री, घी और मधु के साथ पूजा जाता है। भक्तजन ध्यान से भजन गाते हैं और भगवान के दर्शन का आनंद लेते हैं।मथुरा एक प्रमुख धार्मिक और पर्ववार्ती स्थल है, और भगवान कृष्ण के जन्मस्थल के रूप में जाना जाता है। इसलिए, बांके बिहारी मंदिर में आने वाले श्रद्धालु भक्तों की संख्या हर साल बड़ती है। यहां भक्ति और आध्यात्मिकता के वातावरण का आनंद लेने के लिए लाखों लोग दर्शन के लिए आते हैं।

Banke Bihari Temple of Mathura is a famous Hindu temple

मथुरा के बांके बिहारी मंदिर  कथा

मथुरा के बांके बिहारी मंदिर कथा भगवान श्री कृष्ण के अवतार रूप में उनके भक्तों के बीच विकसित हुई है। यहां मैं आपको कथा के संक्षेप में:कथा की शुरुआत राजा मंसिंह के शासनकाल में होती है, जो मथुरा के महाराज थे। राजा मंसिंह को भगवान श्रीकृष्ण के अभिमानी भक्त थे और उन्होंने बांके बिहारी मंदिर का निर्माण करवाया। इस मंदिर के निर्माण के बाद, भगवान श्रीकृष्ण ने विधि वश राजा मंसिंह को स्वयं मंदिर में विराजमान होने की प्रतिज्ञा की।कथा के एक दिन, भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के साथ नाच रसिया भजन किया, जिसे सुनकर उनके भक्त राजा मंसिंह ने अपने मन में सोचा कि भगवान ने उनके सामने नाच कर रसिया भजन किया है। इस सोच के कारण उन्हें भगवान का दर्शन नहीं मिला।
बाद में, एक गुरुवंत भक्त ने राजा मंसिंह को सलाह दी कि वे भगवान को दिल से प्रेम करें और अहंकार को छोड़ें। राजा मंसिंह ने गुरुवंत की सलाह मानी और अहंकार को छोड़कर भगवान के चरणों में शरण ली। उन्होंने भक्ति भाव से भगवान का स्मरण करना शुरू किया और विधि वश भगवान का दर्शन हुआ।इस कथा से समझाया जाता है कि भगवान के दर्शन के लिए भक्ति और निःस्वार्थ प्रेम का होना जरूरी है। अहंकार और अभिमान से दूर होकर हम भगवान के पास पहुंच सकते हैं और उनके आनंद का अनुभव कर सकते हैं।बांके बिहारी मंदिर की कथा भक्तों को धार्मिकता, भक्ति, और निःस्वार्थ प्रेम के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्रदान करती है। इस मंदिर में आने वाले भक्त भगवान कृष्ण के समीप आकर उनके आशीर्वाद का आनंद लेते हैं।

मथुरा के बांके बिहारी मंदिर के तथ्य (facts)

  1. मथुरा के बांके बिहारी मंदिर भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है, जो हिंदू धर्म के महान अवतार में से एक हैं।
  2. यह मंदिर राजा मंसिंह के शासनकाल में निर्मित हुआ था और इसका निर्माण लगभग 400 वर्ष पहले हुआ था।
  3. बांके बिहारी मंदिर मथुरा के प्रसिद्ध चरणों में से एक है और इसे भारतीय धरोहर के रूप में संजोया गया है।
  4. मंदिर के भीतर भगवान श्रीकृष्ण की बड़ी से बड़ी प्रतिमा स्थानीय भक्तों के द्वारा पूजी जाती है।
  5. मंदिर के आंगण में एक छोटे सा तालाब है जिसमें भगवान के चरणों को धोने के लिए पानी रखा जाता है।
  6. इस मंदिर में राधा-कृष्ण, बालराम-सुभद्रा, जगन्नाथ और श्री चैतन्य महाप्रभु जी की प्रतिमाएं भी हैं।
  7. मंदिर का आकर्षक संगमरमर से बना संरचना है, जिसमें अद्भुत कलाकृतियाँ देखने को मिलती हैं।
  8. मंदिर में हर दिन भजन-कीर्तन एवं भक्ति विधि अनुसार पूजा अर्चना की जाती है।
  9. इस मंदिर में विशेष अवसर पर विभिन्न धार्मिक और पर्ववार्ती आयोजन होते हैं, जिनमें भक्तों का भव्य सम्मान किया जाता है।
  10. इस मंदिर के आस-पास बड़ा बाजार है जहां पर्ववार्ती सामग्री, प्रसाद और धार्मिक वस्तुएं आसानी से उपलब्ध होती हैं।
  11. मंदिर के पास स्थित विश्राम घर (Rest House) में भक्तों को रुकने के लिए सुविधाएं मिलती हैं।
  12. मंदिर के निकट स्थित दर्शनीय स्थलों में गोकुल, नंदगांव, निधिवन, गोवर्धन पर्वत, बरसाना आदि शामिल हैं।
  13. मंदिर का शिखर ऊँचाई में करीब 60 फुट तक ऊँचा है।
  14. यहां सालाना होली महोत्सव विशेष धूमधाम से मनाया जाता है और भक्तों का आतिथ्य विशेष रूप से किया जाता है।
  15. मंदिर के पास स्थित लंगर हॉल में निःशुल्क प्रसाद वितरित किया जाता है, जो भक्तों के द्वारा आसानी से लिया जा सकता है।ये थे कुछ रोचक तथ्य मथुरा के बांके बिहारी मंदिर के बारे में। यह स्थान हिंदू धर्म के भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है और हर साल लाखों श्रद्धालु इसे दर्शन करने के लिए आते हैं।

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