भारत के 12 राम मंदिरों की सूची

 भारत के 12 राम मंदिरों की सूची List of 12 Ram temples in India

आयोध्या राम मंदिर  

भगवान राम का जन्म आयोध्या में हुआ था, और उन्हें हिंदू धर्म में विष्णु के अवतार के रूप में माना जाता है। रामायण, जो वाल्मीकि द्वारा लिखित है, उनके जीवन और कथाओं को विस्तार से वर्णित करती है।
15वीं सदी में, मुगल सम्राट बाबर ने अयोध्या में राम जन्मभूमि के स्थान पर एक मस्जिद, बाबरी मस्जिद का निर्माण करवाया था। इससे पूर्व, वहां एक हिंदू मंदिर था, जो भगवान राम के जन्मस्थल के रूप में माना जाता था। इस इतिहासी घटना ने बाबरी मस्जिद के स्थान पर मस्जिद के निर्माण के बाद एक विवाद को जन्म दिया।
1850 के दशक में, वहां की संघर्ष शुरू हो गया जिसमें हिंसा भी शामिल थी। यह विवाद बाद में भारतीय इतिहास में बड़ा मुद्दा बन गया। इसके बाद यह विवाद न्यायिक और राजनीतिक दायरे में गया और अंत में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, भगवान राम के मंदिर के निर्माण की मंजूरी मिली थी। इसके बाद, अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण शुरू हुआ है।
राम मन्दिर अयोध्या में राम जन्मभूमि के स्थान पर बनाया जा रहा एक हिन्दू मन्दिर है जहाँ रामायण के अनुसार, हिन्दू धर्म के प्रमुख देवता भगवान श्रीराम का जन्मस्थान है। मन्दिर निर्माण की पर्यवेक्षण श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र कर रहा है। 5 अगस्त 2020 को भारत के प्रधान मन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भूमिपूजन अनुष्ठान किया गया था और मन्दिर का निर्माण आरम्भ हुआ था।

राम राजा मंदिर, ओडिशा

राम राजा मंदिर ओडिशा में एक प्रसिद्ध मंदिर है, जो की भारतीय राजस्थानी शैली में बना है। यह मंदिर भगवान राम को समर्पित है और ओडिशा के तप्ती नदी के किनारे, बड़ी जगह जिन्दावन नगर के पास स्थित है। 
राम राजा मंदिर का निर्माण राजा नरसिंहदेव द्वितीय ने 12वीं सदी में करवाया था। यह मंदिर कालिंगा स्थापत्य शैली में बनाया गया है और इसमें कई धातु के आधार पर वृक्षों और जानवरों की भव्य मूर्तियाँ स्थापित हैं। मंदिर की विशेषता में से एक है कि यहाँ पर भगवान राम की पूजा गणगौर पर्व में की जाती है, जो कि ओडिशा में बहुत ही महत्त्वपूर्ण माना जाता है।
यहाँ का मंदिर अपनी विशेष शैली, ऐतिहासिक महत्त्व और राजस्थानी संस्कृति के प्रतीक के रूप में माना जाता है।

त्रिप्रयार श्री राम मंदिर, केरल

त्रिप्रयार श्री राम मंदिर केरल में स्थित है और यह भारत में सबसे प्राचीन राम मंदिरों में से एक माना जाता है। यह मंदिर त्रिप्रयार नगर में स्थित है और यहाँ भगवान राम की मूर्ति पूजित है।
त्रिप्रयार श्री राम मंदिर का निर्माण बहुत प्राचीन समय में हुआ था और यह मंदिर केरल के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। इस मंदिर की विशेषता यह है कि यहाँ भगवान राम की मूर्ति के साथ उनकी पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण की भी मूर्तियाँ हैं।
त्रिप्रयार मंदिर को भारतीय संस्कृति और धार्मिकता के प्रतीक के रूप में महत्त्वपूर्ण माना जाता है और यहाँ सालाना त्रिप्रयार उत्सव आयोजित किया जाता है जिसमें लोग भगवान राम की पूजा-अर्चना करते हैं।

रघुनाथ मंदिर, जम्मू 

रघुनाथ मंदिर जम्मू में स्थित है और यह मंदिर भगवान राम को समर्पित है। यह मंदिर जम्मू के एक प्रमुख धार्मिक स्थल है और यहाँ भगवान राम की मूर्ति स्थापित है।
रघुनाथ मंदिर का निर्माण महाराजा गुलाब सिंह द्वारा 18वीं सदी में किया गया था। यह मंदिर हिंदू संस्कृति और धार्मिकता के लिए महत्त्वपूर्ण स्थल माना जाता है। इसका स्थान जम्मू शहर के बीता नदी किनारे है। 
रघुनाथ मंदिर में भगवान राम के साथ सीता माता, लक्ष्मण और हनुमान की भी मूर्तियाँ स्थापित हैं। यहाँ पर हिंदू धर्म के अनुसार भगवान राम की पूजा-अर्चना की जाती है और यह स्थान भगवान राम के भक्तों के लिए महत्त्वपूर्ण है।

कोदंडाराम मंदिर, कर्नाटक

कर्नाटक में कोदंडाराम मंदिर श्री राम को समर्पित है और यह मंदिर कोरवांगल नगर, हुंगुंड तालुक, गदग जिले में स्थित है। यहाँ भगवान राम की प्रतिमा पूजित है, जिसे कोदंडाराम के नाम से जाना जाता है।
कोदंडाराम मंदिर बहुत ही प्राचीन है और इसे रामायण काल से जोड़ा जाता है। यहाँ भगवान राम के विभिन्न अवतारों की मूर्तियाँ भी स्थापित हैं, जैसे कि माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान, और अन्य देवी-देवताओं की।
कोदंडाराम मंदिर के आस-पास एक बड़ा क्षेत्र है, जहाँ स्थानीय पर्वों और उत्सवों में लोग भाग लेते हैं। यहाँ पर्वतीय क्षेत्र में स्थित होने के कारण इसे प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर माना जाता है।

राम मंदिर, भुवनेश्वर, ओडिशा

भुवनेश्वर, ओडिशा में स्थित राम मंदिर भगवान राम को समर्पित है। यह मंदिर ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में स्थित है और यहाँ पर भगवान राम की पूजा-अर्चना होती है।
राम मंदिर, भुवनेश्वर, ओडिशा, प्राचीन शैली में बना है और यहाँ पर हिंदू संस्कृति और धार्मिकता के प्रतीक के रूप में महत्त्वपूर्ण है। इस मंदिर में भगवान राम की मूर्ति स्थापित है, जो कि भक्तों की आकर्षण का केंद्र बनती है।
यहाँ पर्वतीय क्षेत्र में स्थित होने के कारण इसे प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर माना जाता है। भुवनेश्वर में राम मंदिर एक प्रमुख धार्मिक स्थल है और स्थानीय लोगों के लिए आध्यात्मिक महत्त्व रखता है।

श्री राम तीरथ मंदिर, अमृतस

श्री राम तीरथ मंदिर अमृतसर, पंजाब में स्थित है। यह मंदिर भगवान राम को समर्पित है और इसका स्थान अमृतसर शहर के पास, राम तीरथ मार्ग पर है।
इस मंदिर का निर्माण श्री रामचंद्र जी के धर्माराज भरत के स्मारक रूप में किया गया था। इस स्थान को श्री राम तीर्थ कहा जाता है, जो कि हिंदू धर्म के अनुसार भगवान राम ने अपनी पत्नी सीता को देवी सीता जी के रूप में यहाँ पर आश्वमेध यज्ञ के दौरान प्राप्त किया था।
मंदिर के आसपास एक पवित्र कुंड भी है, जिसे श्री राम के तीर्थ के रूप में माना जाता है। यहाँ पर भगवान राम के भक्तों के लिए महत्त्वपूर्ण और प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है।

राम मंदिर, जोशीमठ

राम मंदिर, जोशीमठ, उत्तराखंड में स्थित है और यह मंदिर भगवान राम को समर्पित है। जोशीमठ उत्तराखंड के पवित्र धामों में से एक है और यहां पर राम मंदिर हिंदू धर्म के अनुयायियों के लिए महत्त्वपूर्ण स्थल है। 
राम मंदिर में भगवान राम की मूर्ति स्थापित है और यहां पर उनकी पूजा-अर्चना की जाती है। यहां पर्वतीय क्षेत्र में स्थित होने के कारण इसे प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर माना जाता है।
जोशीमठ मंदिर एक आध्यात्मिक धाम है और यहां पर हिंदू धर्म के अनुयायियों के लिए धार्मिक तात्त्विकता का महत्त्व है। यहां पर्वतीय स्थान के साथ-साथ मंदिर की सुंदरता और मान्यताओं के लिए भी महत्त्वपूर्ण है।

रामास्वामी मंदिर, तमिलनाडु

रामास्वामी मंदिर तमिलनाडु में एक प्रमुख हिंदू मंदिर है, जो कि रामायण के प्रमुख पात्रों में से एक, भगवान राम को समर्पित है। यह मंदिर रामेश्वरम नगर में स्थित है, जो कि तमिलनाडु के पर्यटन स्थलों में से एक है।
रामास्वामी मंदिर रामेश्वरम द्वीप पर स्थित है और यहाँ पर भगवान राम की मूर्ति बहुत ही प्राचीन है। इस मंदिर को भगवान राम के नाम पर बनाया गया है, जो कि भक्तों के लिए एक प्रमुख धार्मिक स्थल है।
रामास्वामी मंदिर रामेश्वरम के पर्यटन स्थलों में से एक होने के साथ-साथ भगवान राम के भक्तों के लिए महत्त्वपूर्ण स्थान है। यहाँ पर सालाना तीर्थ यात्री भगवान राम की पूजा-अर्चना करते हैं और मंदिर में उनकी भक्ति का अनुभव करते हैं।

सीता रामचन्द्रस्वामी मंदिर, तेलंगाना

सीता रामचन्द्रस्वामी मंदिर तेलंगाना में स्थित है और यह मंदिर तेलंगाना राज्य के भद्राचलम नगर में स्थित है। यहां भगवान राम और सीता माता की मूर्तियाँ स्थापित हैं और यह मंदिर हिंदू धर्म के एक प्रमुख स्थलों में से एक है।
सीता रामचन्द्रस्वामी मंदिर का निर्माण एक पहाड़ी क्षेत्र पर हुआ है और इसका स्थान प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। यहां पर हर साल रामनवमी और दसहरा जैसे त्योहारों के दौरान भगवान राम और सीता माता की पूजा-अर्चना की जाती है और लोग यहां पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं।
यह मंदिर तेलंगाना राज्य में हिंदू धर्म के अनुयायियों के बीच बहुत ही प्रसिद्ध है और यहां पर भक्तों की भारी संख्या में आते हैं।

कालाराम मंदिर, नासिक, महाराष्ट्र

कालाराम मंदिर नासिक, महाराष्ट्र, में स्थित है और यह मंदिर भगवान राम को समर्पित है। यह मंदिर नासिक शहर के एक प्रमुख धार्मिक स्थल के रूप में माना जाता है।
कालाराम मंदिर का निर्माण पूर्वी शैली में हुआ है और यहाँ पर भगवान राम की मूर्ति स्थापित है। इसका नाम 'कालाराम' भगवान विष्णु के एक रूप 'काळ' (काल) और 'राम' (राम) से मिलकर बना है।
कालाराम मंदिर में भगवान राम के साथ उनकी पत्नी सीता माता, लक्ष्मण और हनुमान की मूर्तियाँ भी हैं। यहाँ पर हिंदू धर्म के अनुसार भगवान राम की पूजा-अर्चना होती है और यह स्थान भक्तों के लिए महत्त्वपूर्ण है।

राघावेन्द्र मंदिर, रुद्रप्रयाग

रुद्रप्रयाग में राघावेन्द्र मंदिर भगवान राम को समर्पित है। यह मंदिर रुद्रप्रयाग शहर में स्थित है, जो कि उत्तराखंड के प्रमुख पवित्र धामों में से एक है। 
राघावेन्द्र मंदिर में भगवान राम की मूर्ति स्थापित है और यहां पर भक्तों की भारी संख्या में आते हैं। यहां पर भगवान राम की पूजा-अर्चना की जाती है और धार्मिक अनुष्ठान होते हैं। 
रुद्रप्रयाग का महत्त्व उसके धार्मिक और ध्यान स्थलों में से एक होने के साथ-साथ प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी है। यहां पर आने वाले लोग समुद्री संगम देखने के लिए भी आते हैं, जहाँ भगीरथी और अलकनन्दा नदियाँ मिलती हैं।

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