नवरात्रि प्रथम दिन - माँ शैलपुत्रीआरती,मंत्र,स्तोत्र,स्तुति,कवच,Navratri First Day - Maa Shailputri Aarti,Mantr,Stotr,Stuti,Kavach

नवरात्रि प्रथम दिन - माँ शैलपुत्री आरती,मंत्र,स्तोत्र,स्तुति,कवच

शैलपुत्री माँ बैल असवार आरती देवी शैलपुत्री को समर्पित है। देवी शैलपुत्री माता पार्वती के नौ अवतारों में से एक हैं और नवरात्रि के पहले दिन उनकी पूजा की जाती है।

Navratri First Day - Maa Shailputri Aarti,Mantr,Stotr,Stuti,Kavach

नवरात्रि प्रथम दिन - माँ शैलपुत्री आरती

शैलपुत्री मां बैल असवार। 
करें देवता जय जयकार। 
शिव शंकर की प्रिय भवानी। 
तेरी महिमा किसी ने ना जानी।।
 
पार्वती तू उमा कहलावे। 
जो तुझे सिमरे सो सुख पावे। 
ऋद्धि-सिद्धि परवान करे तू।
 दया करे धनवान करे तू।।
 
सोमवार को शिव संग प्यारी।
 आरती तेरी जिसने उतारी। 
उसकी सगरी आस पुजा दो।
 सगरे दुख तकलीफ मिला दो।।
 
घी का सुंदर दीप जला के। 
गोला गरी का भोग लगा के। 
श्रद्धा भाव से मंत्र गाएं। 
प्रेम सहित फिर शीश झुकाएं।।
 
जय गिरिराज किशोरी अंबे। 
शिव मुख चंद्र चकोरी अंबे। 
मनोकामना पूर्ण कर दो। 
भक्त सदा सुख संपत्ति भर दो।।

नवरात्रि प्रथम दिन - माँ शैलपुत्री के मंत्र

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है. इस दिन मां शैलपुत्री के मंत्रों का जाप किया जाता है. मां शैलपुत्री के मंत्र ये हैं: - ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः

मां शैलपुत्री के प्रभावशाली मंत्र -  

  • ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे ॐ शैलपुत्री देव्यै नम: 
  1. वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्। वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्
  2. या देवी सर्वभू‍तेषु माँ शैलपुत्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः
  3. ह्रीं शिवायै नमः

नवरात्रि प्रथम दिन - माँ शैलपुत्री स्तुति

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ शैलपुत्री रूपेण संस्थिता। 
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
Maa Shailputri Aarti,Mantr,Stotr,Stuti,Kavach

नवरात्रि प्रथम दिन - माँ शैलपुत्री स्तोत्र

प्रथम दुर्गा त्वहिभवसागर तारणीम्।
धन ऐश्वर्य दायिनी शैलपुत्रीप्रणमाभ्यहम्॥
त्रिलोकजननींत्वंहिपरमानंद प्रदीयनाम्। 
सौभाग्यारोग्यदायनीशैलपुत्रीप्रणमाभ्यहम्॥
चराचरेश्वरीत्वंहिमहामोह विनाशिन। 
भुक्ति, मुक्ति दायनी,शैलपुत्रीप्रणमाभ्यहम्॥
चराचरेश्वरीत्वंहिमहामोह विनाशिन। 
भुक्ति, मुक्ति दायिनी शैलपुत्रीप्रणमाभ्यहम् ॥

नवरात्रि प्रथम दिन - माँ शैलपुत्री कवच

  • शैलपुत्री देवी कवच
ओमकार:में शिर: पातुमूलाधार निवासिनी।
हींकार,पातुललाटेबीजरूपामहेश्वरी॥
श्रीकार:पातुवदनेलज्जारूपामहेश्वरी।
हूंकार:पातुहृदयेतारिणी शक्ति स्वघृत॥
फट्कार:पातुसर्वागेसर्व सिद्धि फलप्रदा।
नवरात्रि के दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी कवच

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